संजय लीला भंसाली की 'हीरामंडी' पर टिकी मुंबई पुलिस की नजर, वेब सीरीज को किया अपने सेफ्टी कैंपेन में शामिल

क्रिटिक्स का कहना है कि संजय लीला भंसाली ने "हीरामंडी" में प्रामाणिकता और भव्यता के साथ एक युग को फिर से बनाने का शानदार काम किया गया है। उन्हें लगता है कि यह उनकी दूसरी फ़िल्मों जैसे "पद्मावत" और "बाजीराव मस्तानी" की तरह ही प्रभावशाली है।

संजय लीला भंसाली की 'हीरामंडी' पर टिकी मुंबई पुलिस की नजर, वेब सीरीज को किया अपने सेफ्टी कैंपेन में शामिल
संजय लीला भंसाली की 'हीरामंडी' पर टिकी मुंबई पुलिस की नजर, वेब सीरीज को किया अपने सेफ्टी कैंपेन में शामिल
 
इंडियन सिनेमा में अपनी ग्रैंड और विजुअल स्टनिंग फिल्मों के लिए जाने जानें वाले संजय लीला भंसाली ने अपनी लेटेस्ट मास्टरपीस, वेब सीरीज "हीरामंडी: द डायमंड बाजार" ने एक बार फिर ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। आजादी से पहले के भारत के समय में सेट यह एमिबिशियस प्रोजेक्ट, सिर्फ़ एक सीरीज़ से कहीं ज़्यादा है। यह एक पुराने जमाने के कल्चर और इमोशन वाले इतिहास के ज़रिए एक शानदार यात्रा पर दर्शकों को लेकर जाता है। क्रिटिक्स और दर्शकों के साथ साथ दुनिया भर के लोग "हीरामंडी" की शानदार विजुअल्स, जबरदस्त कहानी और दमदार एक्टिंग के लिए तारीफ कर रहे हैं।
 
क्रिटिक्स का कहना है कि संजय लीला भंसाली ने "हीरामंडी" में प्रामाणिकता और भव्यता के साथ एक युग को फिर से बनाने का शानदार काम किया गया है। उन्हें लगता है कि यह उनकी दूसरी फ़िल्मों जैसे "पद्मावत" और "बाजीराव मस्तानी" की तरह ही प्रभावशाली है।
 
जब पूरी दुनिया हीरामंडी की बात कर रही है, तो मुंबई पुलिस क्यों पीछे रहे। मुंबई पुलिस अपने सेफ्टी कैंपेन में "हीरामंडी" का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, "आजादी शौक नहीं है नवाब साहब, नियम कभी ना तोड़ने की जंग है।"
 
 
जैसे की हर जगह के लोग "हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार" को पसंद कर रहे हैं, इससे यह साफ है कि भंसाली का नया काम एक मास्टरपीस है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।